गाँव का सूनापन:-कहाँ गए सब लोग ?Swarn SinghApr 151 min readUpdated: Apr 27Rated NaN out of 5 stars.खेत, पेड़, घर, आँगन, चारदीवारी और चौखट,सब पर सन्नाटा ठहर गया,रोटी की ख़ातिर वो पूरा कुनबागांव छोड़ बसने 'शहर' गया IFor complete Poem read My Book " हमें और मत बाँटो'
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