टूटे आईने में अपना चेहराSwarn SinghApr 151 min readगैरों के ठहाकों से, इस क़दर उदास न हो,टूटे आईने में अपना चेहरा देख निराश न हो !ये वक़्त की गर्द है बस, इक फूँक में उड़ जाएगी,हीरा है तू पत्थरों के बीच रहकर हताश न हो !
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