ये कैसा भाईचारा है ?Swarn SinghApr 151 min readRated NaN out of 5 stars.संसद से बाज़ारों तक, जो बारूद तुमने बिछाया है,सच कहो, क्या यही तेरे मजहब ने तुमको सिखाया है?मेरे बच्चों के जिस्मों के जब चीथड़े उड़ जाते हैं,तब तुम्हारे ये अमन के नारे और भाईचारे कहाँ मर जाते हैं?
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