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"भूख की कोई जाति नहीं,
न रोटी की कोई भाषा है"

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अपराध का 'स्वैग' और नैतिकता का पतन
आज के सिनेमाई दौर में एक अजीब सा विरोधाभास देखने को मिल रहा है। कभी सिनेमा का उद्देश्य समाज को आईना दिखाना और नैतिकता का पाठ पढ़ाना होता था, लेकिन आज का 'ब्लॉकबस्टर फॉर्मूला' कुछ और ही कहानी बयां कर रहा है। हालिया फिल्मों के किरदारों, विशेषकर 'धुरंधर' के रहमान डकैत के प्रति बढ़ती दीवानगी ने एक गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है: क्या हमारा समाज डकैतों और अपराधियों में अपना 'रोल मॉडल' तलाश रहा है? अपराध का 'स्वैग' और नैतिकता का पतन :- रहमान डकैत जैसा चरित्र, जो एक दुश्मन देश का माम
Swarn Singh
Apr 153 min read


टूटे आईने में अपना चेहरा
गैरों के ठहाकों से, इस क़दर उदास न हो, टूटे आईने में अपना चेहरा देख निराश न हो ! ये वक़्त की गर्द है बस, इक फूँक में उड़ जाएगी, हीरा है तू पत्थरों के बीच रहकर हताश न हो !
Swarn Singh
Apr 151 min read


मेरा बचपन
शहर की इस भीड़ में जब, खुद को तन्हा पाता हूँ, बंद आँखों से मैं अक्सर, अपने गाँव चला जाता हूँ ! बहुत याद आता है मुझे, वो धूल भरा बचपन, वो बेफिक्र हँसना, और वो अल्हड़ लड़कपन !
Swarn Singh
Apr 151 min read


डॉ. बी.आर. आंबेडकर: प्रतीकों से परे, प्रज्ञा (Wisdom) की खोज
आज भारत जब अपनी स्वतंत्रता के अमृत काल से गुजर रहा है, तब डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर के विचार केवल किताबों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे इस राष्ट्र की धड़कन हैं। लेकिन एक विडंबना यह भी है कि इस देश के लोगों को डॉ. आंबेडकर को पढ़ने से ज्यादा ईमानदारी से समझने की जरूरत है। डॉ. आंबेडकर भारतीय इतिहास के उन दुर्लभ व्यक्तित्वों में से हैं, जिनके कद को न उनके विरोधियों ने समझा और न ही उनके अति-उत्साही समर्थकों ने। समस्या यह है कि उन्हें मानने वाले और उनसे दूरी बनाने वाले, दोनों ही वर्गों
Swarn Singh
Apr 146 min read


मैं भी तरक़्क़ी कर लेता
इस बड़े शहर में मैं भी तरक्क़ी कर लेता, गर अपनी जुबां लम्बी और गर्दन नीची कर लेता चाटुकारिता के इस दौड़ में, हाँ में हाँ मिला लेता, सच को झूठ और झूठ को सच बना लेता I
Swarn Singh
Apr 131 min read


तू न हो, तो ये जहाँ अच्छा नहीं लगता
हर बार अपनी सफाई देना अब अच्छा नहीं लगता, बार-बार न भूलने की दुहाई देना अच्छा नहीं लगता ! मैं तो तेरी यादों में खोकर खुद को भुला बैठा हूँ, फिर भी तेरे बिना जीने का ये सवाल अच्छा नहीं लगता !
Swarn Singh
Apr 131 min read


धर्म का धंधा
धर्म को धंधा बना दिया और इन बाबाओं ने सबको अंधा बना दिया ! जो खुद भटक रहे हैं अंधेरों में, वो हमें क्या राह दिखाएंगे? ये तो कपड़ों के व्यापारी हैं, बस लिबास बदल कर आएंगे !
Swarn Singh
Apr 131 min read


फ़ितरत
यहाँ झूठ के बाज़ार में रिश्तों के ऊँचे दाम मिलते हैं, मगर सच बोलने वालों को सिर्फ़ इल्ज़ाम मिलते हैं ! यहाँ रुतबे को और शोहरत को सौ सलाम मिलते हैं, मगर किरदार वालों को तो ताने सुबह-शाम मिलते हैं !
Swarn Singh
Apr 131 min read


“GEN” क्या है?
समय का चक्र कभी रुकता नहीं वह निरंतर घूमता है, और हर घुमाव के साथ एक नई पीढ़ी जन्म लेती है। कभी खेतों की मेड़ों पर बैठकर कहानियाँ सुनी जाती थीं, आज वही कहानियाँ मोबाइल स्क्रीन पर “रील” बनकर बहती हैं, पर सवाल वही है क्या बदला है? इंसान, या उसकी सोच ? आज “Gen” केवल एक शब्द नहीं, बल्कि एक युग की पहचान बन चुका है। आइए, इस बदलती हुई पीढ़ियों को समझते हैं “Gen = एक जैसी परिस्थितियों में पली-बढ़ी सोच की जमात” “Generation” यानी एक ऐसा समूह जो एक ही समय में जन्मा हो जिसने एक जैसे साम
Swarn Singh
Apr 92 min read


अस्तित्व की अग्निपरीक्षा
वजूद सिर्फ जिंदा रहने से नहीं बचता, बल्कि अपने वजूद को इतिहास के पन्नों में अमिट स्वाभिमान के साथ जिंदा रखा जाता है।"
Swarn Singh
Apr 72 min read


Exploring Writer Swarn Singh Poetry Insights
When I first came across WritersWarnSingh.com, I was drawn by the promise of poetry that speaks to the heart and mind. The site offers a unique blend of Hindi poetry and social commentary. It invites readers to pause, reflect, and connect with deeper human values. For anyone who loves poetry that carries emotional weight and thoughtful insights, this platform is a treasure. Discovering Writer Swarn Singh Poetry Insights WritersWarnSingh.com is more than just a collection of p
Swarn Singh
Apr 66 min read


जन विश्वास विधेयक Ease Of Living & Ease Of Doing Business l New Law 2026
जन विश्वास विधेयक 2026 भारत को “फियर-बेस्ड” से “ट्रस्ट-बेस्ड” शासन की ओर ले जा रहा है। छोटी गलतियों को अपराध मानने की पुरानी सोच को बदलने का यह ऐतिहासिक कदम है। अब नियमों का पालन करना आसान होगा, लेकिन जानबूझकर उल्लंघन पर सख्ती बरकरार रहेगी। यह बिल लागू होने के बाद आपकी रोजमर्रा की जिंदगी में कई छोटे-मोटे तनाव कम हो जाएंगे। संसद ने हाल ही में जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) विधेयक, 2026 पास कर दिया है। यह बिल आम नागरिकों, छोटे व्यापारियों और MSMEs के लिए एक बड़ी राहत है। आइए
Swarn Singh
Apr 55 min read


क्या शून्य (0) के बिना रावण के 10 सिर गिनना असंभव था ? Answer is No
आर्यभट्ट ने शून्य का आविष्कार नहीं किया, बल्कि शून्य को 'अंक' (0) के रूप में गणितीय पहचान दी और Place Value System दुनिया के सामने रखा।
Swarn Singh
Apr 47 min read


क्या होता है वामपंथ और दक्षिणपंथ ?
वामपंथ बनाम दक्षिणपंथ
Swarn Singh
Apr 33 min read


Language Dynasty of India “भारत की भाषाई वंश परंपरा”
ब्राह्मी ( 3rd century BCE):- A. उत्तरी धारा (Northern Branch) गुप्त- सिद्धम-नागरी-to │ │ ├── देवनागरी:-( संस्कृत,हिंदी,कोंकणी (देवनागरी रूप),नेपाली,मैथिली,भोजपुरी,अवधी,ब्रज भाषा,छत्तीसगढ़ी,हरियाणवी / राजस्थानी) │ │ ├── गुजराती │ │ └── गुरुमुखी │ └── पूर्वी नागरी │ ├── बंगाली │ └── असमिया └── ओड़िया B. दक्षिणी ब्राह्मी ( Souther
Swarn Singh
Apr 22 min read


नेपाली आईना: पश्चिम का चेहरा
नेपाल सरकार ने हाल ही में कुछ ऐसे फैसले लिए हैं, जो सतह पर प्रशासनिक लगते हैं, लेकिन इनमें गहरी सांस्कृतिक चेतना झलकती है।
Swarn Singh
Apr 12 min read


अस्त्र और शस्त्र में क्या फर्क है !
अस्त्र और शस्त्र दोनों ही युद्ध में इस्तेमाल होने वाले “आयुध” (हथियार) हैं लेकिन इनका अर्थ और उपयोग थोड़ा अलग है !
Swarn Singh
Mar 301 min read


"रील्स बनाम किताबें: एक गहरी सोच"
आज की सुबह आपकी कैसे शुरू हुई? शायद अलार्म बंद करने के बाद पहला काम स्क्रीन को 'स्क्रॉल' करना रहा होगा।
Swarn Singh
Mar 292 min read


संन्यास का साम्राज्य !
स्वामी विवेकानंद: एक असाधारण 'फकीर' की कहानी"
Swarn Singh
Mar 286 min read


विधवा माँ
मैं कोई तस्वीर नहीं थी जो मरने के बाद सजाई जाए, मैं कोई कहानी नहीं थी जो मरने के बाद सुनाई जाए ! "मी काही अशी चित्र नव्हते की माझ्या मरणानंतर सजवली जाईल, मी काही अशी कथा नव्हते की माझ्या मरणानंतर सांगितली जाईल." “I was not a picture to be adorned after my death; I was not a story to be told only after I was gone.” मेरी यह रचना केवल शब्दों का समूह नहीं, बल्कि एक सत्य घटना का वह दर्दनाक दस्तावेज है, जो हर संवेदनशील हृदय को झकझोर कर रख देगा। यह कहानी एक ऐसी माँ की है,...
Swarn Singh
Mar 273 min read
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